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MSME क्या है _ लोन कैसे ले जाने पूरा प्रोसेस।

MSME क्या है ? लोन कैसे ले जाने पूरा प्रोसेस।

MSME क्या है ?

MSME का फुल फाॅर्म Micro small medium enterprises होता है। इसके अंतर्गत तीन कैैैटेगिरी के बिजनेस आते हैं, पहला है माइक्रो, दूूसरा है स्माॅल, और तीसरा है मिडियम इन्टरप्राईजेज । MSME के अंतर्गत मैनूफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्रीज आते हैं। यदि आप कोई मैनूफैक्चरिंग बिजनेस करते हैं या कोई सर्विस देनेवाली बिजनेस करते हैं तो सरकार द्वारा MSME फील्ड को दिए जानेवाले बिजनेस लोन लेकर अपने बिजनेस को नया आयाम दे सकते हैं। MSME सेक्टर हमारे देश के इकाॅनामी में 45% का योगदान देती है जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा योगदान है। इस डाटा से यह साबित होता है कि अप्रत्यझ रूप से MSME हमारे देश के इकाॅनामी का एक बहुत बड़ा हिस्सा है इसिलिए सरकार ने हाल हीं मे MSME सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रूपये का बिजनेस लोन देने का निर्णय किया है जो कि MSME बिजनेस को बहुत बड़े स्तर पर फायदा पहुंचाएगी और छोटे बिजनेस भी अपने व्यापार को बड़ा कर पाएंगे और अपने आप को मजबूती से स्थापित कर पाएंगे। ऐसी कंपनी जिनका टर्नओवर अप टू 100 करोड़ है तथा इन्वेस्टमेंट 20 करोड़ तक है वो इस बिजनेस लोन को ले सकते हैं तथा अपने व्यापार को नई उंचाई पर पहुंचा सकते है। 



आप ये कैसे तय करेंगे कि आपका बिजनेस किस कैटेगिरी में आता है। इसके लिए कुछ मापदंड तय किए गए हैं जिसके अनुसार आप तय कर सकते हैं कि आपका बिजनेस किस कैटेगिरी के अंतर्गत आता है –

• माइक्रो इंटरप्राइजेज – वैसी कंपनी जिनका इन्वेस्टमेंट अप टू 1 करोड़ है तथा टर्नओवर 5 करोड़ उसे माइक्रो कैटेगिरी में रखा जाता है।

• स्माॅल इंटरप्राइजेज – वैसी कंपनी जिनका इन्वेस्टमेंट अप टू 10 करोड़ है तथा टर्नओवर 50 करोड़ है उसे स्माॅल कैटेगिरी में रखा गया है।

• मिडियम इंटरप्राइजेज – वैसी कंपनी जिनका इन्वेस्टमेंट अप टू 20 करोड़ है तथा टर्नओवर 100 करोड़ तक है उसे मिडियम कैटेगिरी में रखा गया है।

* MSME’s बिजनेस लोन के अंतर्गत मिलने वाले फायदे –

• वैसी कंपनी जिन्होने पहले से MSME बिजनेस लोन लिया हुआ है और वर्तमान में उनके लोन चल रहे हैं उनके लोन का आउटस्टेडिंग अमाउंट जितना भी 29 फरवरी 2020 तक होगा उस आउटस्टेंडिंग क्रेडिट का 20% लोन वो किसी भी बैंक से ले पाएंगे ।

• MSME लोन स्कीम के अंतर्गत सरकार ने एक साल का ईएमआइ फ्री पिरियड रखने का निर्णय दिया है। ईएमआइ फ्री पिरियड का मतलब है जो भी इंटरप्राइजेज MSME बिजनेस लोन लेती है उसे 1 साल तक सिर्फ लोन अमाउंट पर आनेवाले ब्याज को देना पड़ेगा, एक साल तक मूलधन चुकाने की आवश्यकता नहीं है। एक साल के बाद उस कंपनी को चार साल का बिजनेस लोन दिया जाएगा और उसी चार साल कि अवधि में उनका ईएमआइ तय किया जाएगा।




• तीसरा फायदा है इसमें आपको पेमेंट प्रोटेक्शन बेनिफिट मिलता है। MSME के अंतर्गत जब आप रजिस्टर होते हैं तो सरकार आपको पेमेंट प्रोटेक्शन प्रोवाइड करती है, यदि आप अपना प्रोडक्ट या सर्विस किसी कंपनी को बेचते हैं तो उस कंपनी को आपके पैसे 45 दिन के अंदर चुकाना पड़ेगा यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें 45 दिन के बाद उस राशि को ब्याज के साथ अदा करना होगा।

• चौथा है इलेक्ट्रीसीटी बिल पर सब्सिडी। MSME सेक्टर में आनेवाले बिजनेस के लिए कमर्शियल इलेक्ट्रीसीटी बिल पर सरकार ने सब्सिडी देने का निर्णय किया है। आप अपने MSME रजिस्ट्रेशन के द्वारा इलेक्ट्रीसीटी विभाग में जाकर सब्सिडी के लिए अप्लिकेशन फार्म भर दें, आपको अपने कंपनी में आनेवाले इलेक्ट्रीसीटी बिल पर सब्सिडी मिल जाएगी।

• पांचवा फायदा है, ट्रैडमार्क और आईएसओ रजिस्ट्रेशन पर छूट। हम सभी को पता है जब हम ट्रैडमार्क और आईएसओ रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो हमें गवर्मेंट फीस देनी पड़ती है लेकिन यदि आपके पास MSME रजिस्ट्रेशन है तो आप इस पर मिलने वाले छूट का फायदा उठा सकते हैं और काफी कम फीस में ट्रैडमार्क और आईएसओ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।




* MSME लोन पर ब्याज की दर –

MSME लोन पर ब्याज की दर  9.5% से लेकर 15% तक है । ब्याज की दर इस बात पर निर्भर करता है कि जो भी इंटरप्रेन्योरशिप यह बिजनेस लोन लेने जा रहे हैं उनका बिजनेस प्रोफाइल कैसा है, इन्वेस्टमेंट और टर्नओवर कितना है, लोन अमाउंट कितना है और कंपनी का फ्यूचर विजन किस तरह का है इत्यादि ।

* MSME बिजनेस लोन लिमिट –

MSME बिजनेस लोन‌ का कोई अॅपर लिमिट नहीं है। यह आपके कंपनी के बिजनेस फ्यूचर विजन और बिजनेस प्रोफाइल के आधार पर दिया जाएगा। आप लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपने कंपनी का विजन जरूर दर्शाएं कि आप किस सेक्टर में कितना इन्वेस्ट करने जा रहे हैं और फ्यूचर में वहां से आपकी कंपनी को कितना बेनिफिट हो सकता है इत्यादि।

* उधोग आधार / एमएसएमई रजिस्ट्रेशन  –




बहुत सारे लोग इस बात को लेकर दुविधा में रहते हैं कि उधोग आधार और एमएसएमई रजिस्ट्रेशन अलग – अलग होता है। लेकिन इस दुविधा में ना रहें, उधोग आधार के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन हीं एमएसएमई रजिस्ट्रेशन है। उधोग आधार में रजिस्ट्रेशन में कराने के बाद आप MSME लोन के लिए अपने नजदीकी बैंक से संपर्क कर सकते हैं। अपने कंपनी के बिजनेस एक्शन प्लान का विस्तृत फाइल तैयार करें एवं उधोग आधार आधार में रजिस्ट्रेशन करा लें तब हीं लोन के लिए आवेदन करें। उधोग आधार रजिस्ट्रेशन के अलावे MSME बिजनेस लोन के लिए आपको किसी तरह के अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होती है।

उम्मीद करता हूं आपको MSME बिजनेस लोन के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी एवं आपके सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे। यदि आपके मन में MSME बिजनेस लोन से जुड़ी किसी भी तरह के सवाल हैं तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। धन्यवाद ।





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