mirchi powder making business मिर्च पाउडर / चटनी – निर्मिती उद्योग

mirch powder making business 

           हर घर में जरुरत होनेवाली और बाजार में बहुत बढे प्रमाण में मांग होनेवाली यह उत्पादन बड़े फायदे में रहता है .बाजार में चटनी उद्याग में कितने भी स्पर्धक हुए तोभी इस व्यवसाय में नव उद्याग्जक का नया व्यवसाय करते वक्त बहुत सी स्पर्धा नहीं होती .कारन माल की मांग ही उतनी बड़ी होती है .लाल मिर्च पाउडर के चटनी उद्याग के लिए स्तानिक स्तर पर बरपुर ग्राहक और बाजार उपलब्द होता है ,भारतीय आहार प्रणाली में हर समाज में प्रादेशिक उपलब्ध आहार में कम से कम हर रोज इसका उपयोग किया जाता है .लाल मिर्च की चटनी हम मिर्ची कांडप केंद्र से हम उरे साल भर में जीतनी चटनी लगाती है उतनी चटनी बनवाकर घर में रकते है .ग्रामीण और शहरी इलाके में बहुत से उद्योग में महिलाये इस उद्योग में कार्यरत है .चटनी टायर करके देकर मजदूरी देना अथवा चटनी का रो मटेरियल खुद लाकर चटनी पूड ,पाउडर ,चटनी पैकिंग करके बेचना यैसे दो प्रकारके व्यवसाय की शुरुवात कर सकते है .अच्छे दर्जे के चटनी टायर करके ,खुद का ब्रांड बनवाकर यदि आपका उतपादन मार्केट में लौंच किया तो बारहा महीने ग्राहक मिलता है .

 mirchi powder making business मिर्च पाउडर / चटनी – निर्मिती उद्योग 

        मिर्च पाउडरतयार करने में मशीन में हमें छोटी ,बड़ी मशीन येसी जो चाहे उस उतपादन शमता की मशीन खरीद कर इस बिज़नस को हम शुरू कर सकते है .वह मशीन मार्किट में उपलब्ध होती है .व्यापारी तत्वोपर ज्यादा उतपादन और विक्री करने के उदेश से व्यापर शुरू किया तो बड़ी मशीन भी खरीद लेनी पड़ेगी . खुद का एक ब्रांड बनवाकर ,खुद का पैकिंग ,लेबलिंग करके उत्पादन बाजार में लाया जा सकता है .कितनी भी स्पर्धा हु तो भी आपके माल को विक्री होगी कारन चटनी यह सभी लोग यूज़ करते है .आपके माल को अच्छा दर्जा अगर प्राप्त होता है तो आपके माल को मार्किट में कोईभी खरीद सकता है .इस कारन आपको पहले पाने माल का दर्गा रखना होगा .इसलिए ग्राहक ही उसको बार बार ख़रीदे गा .खुद का अक येसा फार्मूला तयार  कीजिये की जहा आप अपना माल बेचने वाले है वहा के ग्राहक का रूचि ,उनकी पसाद का ध्यान रखकर आप अपना माल बाजार में पेश कीजिये तभी आपको कोई स्पर्धा नहीं होगी .

       छोटे प्रमाण में व्यवसाय करना हो तो ग्रामीण ,शहरी बहग में लोग मिर्च चटनी बनवाने ए येसा मिर्च कांडप केंद्र शुरू कीजिये .यहाँ ग्राहक अपना खुद का कच्चा माल ,मिर्च मसाले लेकर अत है और इस मिर्च कांडप केंद्र से मसाले दर चटनी टायर करके ले जाता है .इसके लिए मिर्च कांडप चलाने वाले व्यक्ति को कितने किलो की मिर्च और मसाले है ,उस प्रमाण पर प्रति किलो को एक निचित दर के अनुसार मजदूरी के पैसे मिलते है .ग्राहक चटनी बनाने के लिए आते वक्त चटनी के लिए लगनेवाला विविध सामुग्री लेकर अत है .मिर्च कांडप केंद्र चालक को यह सब साहित्य सामुग्री वजन करके दी जाती है .मिर्च कांडप केंद्र में लाये हुए साहित्य से ,मिर्च से मिर्च पाउडर और उस ग्राहक ने लाया हुवा सौदा मसाला बारीक़ करके उस पर मिर्च पाउडर में मिक्स करके चटनी बनवाकर दी जाती है .जितना किलो माल दिया होगा ,उतना किलो की प्रचालिटी दर के अनुसार पैसे लिए जाते है .महिला इस बिजनेस से खुदके मालिक बन सकते है और अपना खुद का बिज़नस शुरू कर सकते है .

 मिर्च पाउडर का मार्किट

तयार किये गए माल यानि मिर्च पाउडर पैकिंग बाजार में लाइए .इसके साथ मसाले मिक्स की हुई तैयार चटनी छोटे बड़े पैकिंग करके कुढ़ का नाम दिए हुए ब्रांड लेबलकरके मार्केटिंग कीजये .चटनी उत्पादन में सबसे बड़ा ग्राहक भोजनालय ,ढाबे ,होटल ,होलेसेल ,किरण माल की दुकाने है .बाजार में मांग के अनुसार दो सों ,पांच सों ग्राम का पैकिंग करके बिक्री के लिए लाइए .

मिर्च पाउडर बनाने के लिए रो मटेरियल 

 लाल तिखी मिर्च ,संकेशावारी मिर्च ,बेदगी मिर्च ,नमक ,खोपरा ,लसून ,धनिया ,सरसों ,हलदी ,टला हुवा प्याज ,पैकिंग के लिए पोलीथिन बैग येसा कच्चा माल लगता है .

मिर्च पाउडर बनाने के लिए मशीनरी 

 जरुरत के अनुसार छोटी बड़ी मिर्च कांडप मशीन ,पैकिंग मशीन और चटनी हलने के लिए उलथाने ,बर्तन ,प्लास्टिक के टप यैसे मशीन maintains के लिए लगवाने वाले नट – बोल्ट ,पक्कड ,पत्ते यैसे ओजार की आवशकता होती है .

 प्रकल्प का कुल अंदाज से भांडवल खर्च 

 जगह (कुड़की या किराये की ) 

जगह का विकास खर्च –                      १०००० /-

इमारत  का खर्च –                              ५०००० /-

यंत्र सामुग्री –                                   १५०००० /-

अन्य स्थिर सम्पति का खर्च –           ७००० /-

उत्पादन पूर्व प्रथिमिक खर्च –            २००० /-

कुल  –                                            २१९००० /- 

खेलता हुवा भांडवल –                     १२०००० /-
कुल भांडवल खर्च –                        ३३९००० /-
फायनांस 
खुद –                                           १० %

बैंक का कर्ज –                               ९० %